By: Ankita Parihar
Posted On : 09 Jun, 2026
गर्मियों में लू के कारण पशुओं का दूध कम हो जाता है। जानिए वैज्ञानिक तरीके, सही आहार प्रबंधन और ठंडा रखने के उपाय ताकि दूध का उत्पादन न घटे।
जब तापमान बढ़ता है, तो पशु को गर्मी लगती है जिसे Heat Stress कहते हैं। गर्मी के कारण पशु जुगाली करना कम कर देता है, जिससे पेट (Rumen) का pH बिगड़ जाता है और दूध व फैट दोनों तेजी से गिरते हैं।
आहार के समय में बदलाव: दोपहर की तेज गर्मी में पशु को भारी आहार (फीड) न दें। कुल फीड का 70% हिस्सा सुबह और शाम के ठंडे समय में दें।
ठंडा और साफ पानी: गर्मियों में पशु के शरीर को ठंडा रखने के लिए हर समय साफ और ताजा पानी उपलब्ध होना चाहिए। पानी के बर्तनों पर शेड (छाया) जरूर रखें।
इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स: अत्यधिक पसीने और हांफने के कारण पशु के शरीर से मिनरल्स निकल जाते हैं। आहार में मिनरल मिक्सचर और पोटेशियम/सोडियम युक्त इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा बढ़ाएं।
प्रीमियम एनर्जी सोर्स: गर्मियों में पशु कम खाता है, इसलिए कम खुराक में ज़्यादा ऊर्जा देने के लिए Bypass Fat एक सबसे सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि इसे पचाने में पशु के शरीर में अतिरिक्त गर्मी (Heat of fermentation) पैदा नहीं होती।
नीरवी टिप: नीरवी 10,001 (ऑस्ट्रेलियन फार्मूला) गर्मियों में पशुओं के पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और बिना किसी सिंथेटिक बूस्टर के उनके शरीर को अंदर से ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखता है।